जय श्रीराम के नारों से गूंजा रामलीला मैदान, संगीतमयी श्रीराम कथा महोत्सव का भव्य समापनः-

अयोध्याः पूरा बाजार नगर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विगत पांच दिनों से चल रही संगीतमयी श्रीराम कथा महोत्सव का रविवार को भव्य समापन हुआ। कथा व्यास पूज्य श्री प्रशांत जी महाराज ने अंतिम दिन भरत चरित्र से लेकर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक तक की कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। महाराज ने बताया कि जब भगवान श्रीराम को वनवास हुआ तब भरत जी ने भाइयों के प्रति अपार भक्ति और त्याग का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने राजसिंहासन को ठुकराकर प्रभु श्रीराम की चरण पादुका को सिंहासन पर स्थापित कर अयोध्या का शासन रामनाम से चलाया। इस प्रसंग को सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो गईं।
पूज्य प्रशांत जी महाराज ने भरत चरित्र से राम राज्याभिषेक तक का किया वर्णनः-
कथा व्यास ने आगे कहा कि लंका विजय के उपरांत भगवान श्रीराम का अयोध्या लौटना और फिर माता सीता व लक्ष्मण सहित राज्याभिषेक का दृश्य जीवन के हर क्षेत्र में धर्म, नीति और सत्य की विजय का प्रतीक है। रामराज्य की स्थापना में न्याय, करुणा और समानता की झलक थी, जिससे समाज में आदर्श शासन की नींव पड़ी। समापन अवसर पर कथा मंडली द्वारा प्रस्तुत भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पूरा मैदान “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। मुख्य अतिथियों डांडिया मंदिर के महंत गिरीश दास ,हनुमानगढ़ी के महंत गौरी शंकर दास ,रामानंदाचार्य जगतगुरु स्वामी राम दिनेशाचार्य जी महाराज महेंद्र प्रताप सिंह, सुनील सिंह मुन्ना ,मनोज सिंह व श्रद्धालुओं ने महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजक पूर्व जिला पंचायत सदस्य शंभू नाथ सिंह दीपू ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
रिपोर्टर अभिषेक सिंह
