जिलाधिकारी डॉ राजा गणपति आर का अचानक स्थानांतरण, सिद्धार्थनगर में लोगों ने जताया विरोधः-

सिद्धार्थनगरः उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के जिलाधिकारी डॉ राजा गणपति आर का मंगलवार को शासन ने सीतापुर जिले में स्थानांतरित कर दिया। जिले में एक ईमानदार और जनता के बीच अपनी पहचान बनाने वाले जिलाधिकारी के समर्थन में जब तक लोग धरना प्रदर्शन करते, तब तक डॉ राजा गणपति आर शाम को जिला छोड़कर चले गए।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि सरकार ने जिलाधिकारी को तुरंत जिला मुख्यालय छोड़ने का निर्देश दिया, क्योंकि इनकी लोकप्रियता को देखते हुए कहीं बनारस की स्थिति पैदा न हो जाए, तब शासन को स्थानांतरण निरस्त करना पड़े। उल्लेखनीय है कि डॉ राजा गणपति आर बनारस जिले में उप जिलाधिकारी पद पर आसीन थे। सरकार ने जब इनका स्थानांतरण किया, तो इनके समर्थन में वहां की जनता सड़क जाम कर स्थानांतरण रोकने के लिए शासन को विवश कर दिया था। इस लिए अबकी बार वह जोखिम सरकार नहीं लेना चाह रही थी।
जिले के सरकारी कर्मचारियों सहित अधिकारी गण को विदाई तक करने का अवसर नहीं मिला। जिलाधिकारी डॉ राजा गणपति आर ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में निरंकुश हो चुके बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों सहित सरकारी अस्पतालों और राजपत्रित अधिकारियों और कर्मचारियों को कानून के अंतर्गत काम करने के लिए विवश कर दिया था। यहां तक राजनीति करने वाले लोगों को भी कानून का पाठ पढ़ाया। यही कारण है कि उनके स्थानांतरण से इस वर्ग के लोगों में खुशियां देखने को मिलीं और शोहरत गढ़ के एक नेता के घर मिठाई बांटी गई।
वहीं, सामान्य जनता को त्वरित न्याय दिलाना जिलाधिकारी का एक मिशन बन चुका था। इसलिए जनता जब तक उनके स्थानांतरण को लेकर सड़क पर उतरी, जिलाधिकारी दिन डूबने के बाद नए जिले के लिए चले गए।
रिपोर्टर – हरी प्रसाद पाठक
