महोत्सव के अंतिम दिन स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कला प्रतियोगिता से गुलजार रहा कार्यक्रमः-

उत्तर प्रदेशः बलरामपुर महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन के प्रातःकालीन सत्र का आयोजन अत्यंत भव्य और उत्साहपूर्ण रहा। कार्यक्रम की शुरुआत जनपद के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम:-

महोत्सव के मंच पर स्कूली बच्चों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए समां बांध दिया। इसमें मुख्य आकर्षण रहे:-
पायनियर पब्लिक स्कूल के छात्रों द्वारा सामूहिक नृत्य और ‘पद्मावती झूमर’ की शानदार प्रस्तुति दी गई।
सी.एम.एस. (CMS) के बच्चों ने दो अलग-अलग समूह नृत्यों से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
ईशावस्यम स्कूल तुलसीपुर और स्कॉलर्स एकेडमी की प्रस्तुतियों ने आधुनिक और पारंपरिक नृत्य का सुंदर संगम पेश किया। बलरामपुर महोत्सव में स्कॉलर्स एकेडमी इंटर कालेज उतरौला के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए इस अवसर पर जिला अधिकारी महोदय द्वारा कार्यक्रमों को सराहा गया बच्चों व शिक्षकों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया ।

एच.आर.ए. इंटर कॉलेज उतरौला के छात्रों ने एक सार्थक नाटक और नृत्य का मंचन किया।
बलरामपुर बालिका इंटर कॉलेज और सुंदरदास रामलाल इंटर कॉलेज के बच्चों ने नृत्य नाटिका के जरिए भारतीय संस्कृति के विभिन्न रंगों को प्रदर्शित किया।
विशेष आकर्षण के रूप में थारू जनजाति के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य ने क्षेत्रीय परंपराओं की जीवंत झांकी प्रस्तुत की।
पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता के परिणाम:-

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बच्चों की रचनात्मकता को निखारने के लिए एक भव्य ‘पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता’ का भी आयोजन किया गया, जिसमें दो वर्गों के विजेताओं ने बाजी मारी:-
जूनियर वर्ग:-
प्रथम स्थान: आकांक्षा पटेल (जवाहर नवोदय विद्यालय)
द्वितीय स्थान: राशिका कसौधन (फातिमा सीनियर सेकेंडरी स्कूल)
तृतीय स्थान: रोहित साहू (एम.पी.पी.आई.सी. बलरामपुर)
सीनियर वर्ग:-
प्रथम स्थान: कृति शुक्ला (एम.एल.के.डी.सी. बलरामपुर)
द्वितीय स्थान: अंशिका सिंह (नवोदय विद्यालय)
तृतीय स्थान: प्रतीक्षा श्रीवास्तव (बाल भारती ई. का. बा.)
इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बलरामपुर महोत्सव जैसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और शिक्षकों व अभिभावकों को बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।
रिपोर्टर – सुशील श्रीवास्तव
