पुलिस अधीक्षक के दबाव में प्राथमिकी न दर्ज किए जाने से आक्रोशित उतरौला के अधिवक्ताः-

बलरामपुरः जिले के उतरौला में एक अधिवक्ता के साथ हुए मारपीट के मामले में चोटिल अधिवक्ता अखिलेश यादव और उनके परिजनों की प्राथमिकी पुलिस अधीक्षक के दबाव में थाने में दर्ज नहीं की जा रही है। जबकि पीड़ित पक्ष ने मारपीट के बाद सबसे पहले ही थाने पहुंचकर प्राथना पत्र दे दिया था। और बाद में प्राप्त विपक्षी के तहरीर पर अधिवक्ता अखिलेश यादव और उनके परिजनों के विरुद्ध पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया।
अधिवक्ताओं की मांगें:-

अखिलेश यादव की तहरीर पर तत्काल मुकदमा पंजीकृत कराना
पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के अधिवक्ता विरोधी कार्यों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराना
बलरामपुर में कार्यरत अधिवक्ताओं व उनके परिवार की सुरक्षा और अधिवक्ता प्रोटेक्शन अधिनियम लागू करना
अधिवक्ताओं का प्रदर्शन:-

अधिवक्ता संघ उतरौला अध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस के तानाशाही रवैए को लेकर वकीलों ने जुलूस निकालकर तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी की और तीन सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी उतरौला को सौंपा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि मांगे पूरी न होने पर क्रमिक अनशन व न्यायिक कार्य में सहयोग न करते हुए चरणबद्ध तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
अधिवक्ताओं की चेतावनी:-
अगर 15 अक्टूबर तक अखिलेश यादव की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और पीड़ित अधिवक्ता के परिजनों को सुरक्षा नहीं प्रदान की गई तो बुधवार को शान्ति पूर्ण ढंग से क्रमिक अनशन शुरू किया जायेगा और अगली रणनीति पर विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर मौजूद रहे अधिवक्तागण:-
मार्कण्डेय मिश्र, प्रह्लाद यादव, देवेंद्र कुमार, अजीत यादव, मो असगर, अजीत कुमार, अंकुर श्रीवास्तव, दीप चंद तुलसीराम, राधेश्याम, आशीष कसौधन, अब्दुल मोईद सिद्दीकी, मुस्तफा हुसैन, इजहारुल हसन, बृजेश कुमार, राजकुमार, शमशाद चौधरी, नसीम अहमद, सुधीर कुमार, मोहसिन इदरीस, अमित कुमार श्रीवास्तव, निजाम अंसारी, संतराम, सुभाष वर्मा, राकेश कुमार, व चंद्रभान मिश्र सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
रिपोर्टर – सुशील श्रीवास्तव
