बम्बावड़ में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन…

ओजस्वी वक्ताओं ने जगाया राष्ट्रभाव, सैकड़ों श्रद्धालुओं की रही उपस्थिति:-

गौतमबुद्ध नगर: स्वामी दयानंद सरस्वती इंटर कॉलेज में शनिवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य एवं गरिमामयी आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों तथा सैकड़ों श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश देना रहा।

मीनाक्षी शेरावत का ओजस्वी संबोधन:-

सम्मेलन की मुख्य वक्ता मीनाक्षी शेरावत ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन से उपस्थित जनसमूह में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने कहा कि चूड़ियां कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति, स्वाभिमान और परिवर्तन की प्रतीक हैं।
उन्होंने हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा स्पष्ट करते हुए कहा कि जैसे शरीर और आत्मा एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं, वैसे ही राष्ट्र और समाज का संबंध है। “यदि राष्ट्र है तो हम हैं, अन्यथा हमारा अस्तित्व शून्य है।”

महान संतों के जीवन से प्रेरणा:-

अपने संबोधन में उन्होंने स्वामी दयानंद, स्वामी विवेकानंद तथा स्वामी श्रद्धानंद के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने राष्ट्र को सर्वोपरि मानकर समाज को दिशा दी।
उन्होंने कहा कि सामान्य जीवन में अहंकार त्याज्य है, लेकिन राष्ट्रप्रेम के लिए गर्व आवश्यक है, क्योंकि यही गर्व समाज को संगठित और सशक्त बनाता है।

संस्कारों की मजबूत नींव पर दिया जोर:-

मीनाक्षी शेरावत ने विदेशों में रहने वाले परिवारों के उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चों में सांस्कृतिक जागरूकता की कमी देखी जा रही है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को धर्म, ईश्वर, श्रीमद्भगवद्गीता और महाभारत जैसे ग्रंथों का ज्ञान अवश्य दें, ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि यदि परिवार स्तर पर संस्कारों की नींव मजबूत होगी, तो समाज स्वतः सशक्त बनेगा।

संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश:-

मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नोएडा विभाग संचालक सुशील अग्रवाल ने संगठन की 100 वर्षों की यात्रा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि केशव बलिराम हेडगेवार के विचारों के अनुरूप संघ का उद्देश्य ऐसे नागरिकों का निर्माण करना है, जो कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और राष्ट्रहित में समर्पित हों। उन्होंने कहा कि जब समाज स्वयं राष्ट्रहित में कार्य करने लगेगा, तब संगठन की आवश्यकता स्वतः समाप्त हो जाएगी।

जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति:-

कार्यक्रम का संचालन अनिल मावी ने किया। इस अवसर पर दादरी विधायक तेजपाल नागर सहित अनेक प्रमुख नागरिकों—ओमवीर आर्य एडवोकेट, ईश्वर भाटी, दीपक नागर, जितेंद्र भाटी, चन्द्रपाल प्रधान, प्रदीप वेध, तरुण नागर, डॉ. अशोक नागर, राजेन्द्र नागर, धीर राणा, मुकेश एडवोकेट, सतवीर नागर, ललित नागर, कपिल नागर, रवि बीडीसी, कल्याण नागर (बार कोषाध्यक्ष), राजेश नागर और अरुण नागर की उपस्थिति रही।

एकता और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करने का संकल्प:-

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए समाज में एकता, संस्कृति और राष्ट्रभाव को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
यह सम्मेलन बम्बावड़ क्षेत्र में नई चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देकर सामाजिक एकजुटता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

रिपोर्टर – प्रतिक्षा सिंह

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