हेडमास्टर मुहम्मद ओवैश ने बच्चों के लिए बनाया स्वप्निल विद्यालय….

अकबरपुर इटौरा के कन्या प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर मुहम्मद ओवैश का अनोखा प्रयास:-

जालौन: जनपद जालौन के अकबरपुर इटौरा में एक कन्या प्राथमिक विद्यालय ऐसा भी है तो एक माॅडल तरीके से भी जाना जाता है जहां एक तरफ़ विघालय के हेडमास्टर मुहम्मद ओवैश बच्चों की शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के खेल कूद को लेकर कुछ न कुछ नया करते हुए रूबरू होते नजर आ रहे हैं वही दूसरी तरफ हेडमास्टर मुहम्मद ओवैश विघालय में बच्चों के लिए कूलर पंखा L.E.D. और बच्चों के खेल के लिए हर तरह के सामान अपनी खुद जेब पुंजी से बच्चों के लिए उपलब्ध कराया।

आप को बता दें कि अभी इसी साल जो कक्षा पांच के बच्चों ने पास आउट किया है उन बच्चों को हेडमास्टर मुहम्मद ओवैश द्वारा कुछ सामान दिये गये है जैसे बच्चों को पैन किताब कापी ,एक घड़ी व एक पानी की बोतल व 4 खंड वाला लंचबॉक्स और अन्य सामान उपलब्ध कराई वो भी अपने ही रूपये से इस सरकार का कोई योगदान नहीं रहा वहीं अभिभावकों का कहना है इसी तरह हर साल मुहम्मद ओवैश सर बच्चों के लिए नया करते रहते हैं.

इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें कि कन्या प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर मुहम्मद ओवैश ने बच्चों के अभिभावकों के पास जाकर अपने विघालय को प्राइवेट विधालय को बेहतर बनाने के लिए तन मन धन से कमर कसी और इस के लिए हेडमास्टर मुहम्मद ओवैश ने अपने पास से काफ़ी फंड खर्च करना पड़ा और सरकार के योगदान से जो पैसा आया वो तो लगा ही है और जो अभिभावकों से भी मदद ली और अन्य लोगों से योगदान लिया गया और वहीं लोगों से बातचीत की और उन्होंने कहा मेरा पहला मकसद ये रहा है कि जो प्राइवेट स्कूल है बच्चे उस स्कूल में न जाएं हमारे विघालय में ज्यादा से ज्यादा संख्या में दाखिला लेने के लिए लाइन लगा दे जिसके लिए हमने अपने विधालय को प्राइवेट स्कूलों से कम नहीं छोड़ा और वो हर कुछ किया जिससे बच्चों का भविष्य बेहतर बनाया जा सके।

अकबरपुर इटौरा के कन्या प्राथमिक विद्यालय की सुन्दरता इस तरह है जैसे प्राइवेट स्कूलों की सुन्दरता फीकी पड़ जाए वहीं हेडमास्टर मुहम्मद ओवैश की ऑफिस की सुन्दरता व प्राइवेट स्कूलों की ऑफिस में जमीन आसमान का अन्तर नजर आता है वहीं मुहम्मद ओवैश ने बच्चों के लिए कुर्सी मेज की फुल व्यवस्था अपने रुपये से की है और बच्चों के जरूरतमंद वस्तुओं व सामान का पूरा ख्याल रखते हैं।

जनपद जालौन में दो तीन ही कन्या प्राथमिक विद्यालय ऐसा है जो अकबरपुर इटौरा के विधालय के बराबर है नहीं तो जनपद जालौन में हर एक विधालय अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय में पढ़ने के लिए तैयार नहीं होते हैं इसलिए तो कन्या प्राथमिक विद्यालय गरीब भी अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाने में डरते हैं अब इस मंशा को अकबरपुर इटौरा के विधालय के हेडमास्टर मुहम्मद ओवैश ने कर दिखाया की हमारे विधालय में अभिभावक खुशी खुशी अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए भेजते हैं।

वहीं विधालय सुन्दरी करण को लेकर कन्या प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर मुहम्मद ओवैश हर साल कुछ न कुछ नया करते रहते हैं वहीं इस साल भी विधालय में बहुत सारे कार्य किए बता दें कि बच्चों की कुर्सी मेज पर 40.से45.हजार रुपये खर्च हुए वहीं L.E.D. TV कूलर ,सी सी टीवी कैमरे, पंखे प्रोजेक्ट व अन्य सामान का खर्च लगभग एक लाख रुपये खर्च हुआ वहीं ऑफिस फर्नीचर में 50 हजार रुपये खर्च वहीं बच्चों के खेल कूद का सामान में खर्च 20 से 25 हजार रुपये हुआ रसोईघर मरम्मत में खर्च 20 से 25 हजार रुपये हुआ इसी तरह होता रहता है वहीं जिसका का योगदान सरकार द्वारा दिया जाता है और हेडमास्टर मुहम्मद उवैस अपने निजी रुपये से पूरा खर्च उठाते हैं।

आप को बताते चलें कि अगर जनपद जालौन के हर एक कन्या प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर मुहम्मद ओवैश जैसे बन जाएं तो कहीं तक प्राइवेट स्कूलों की कहानी बन्द होती नजर आ सकती है।

रिपोर्टर – समीर मंसूरी

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