कवर्धा में 70 अंशकालीन शाला संगवारी शिक्षक बेरोजगार, नियुक्ति की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचेः-

कबीरधामः कवर्धा जिले में लगभग 70 अंशकालीन शाला संगवारी शिक्षक विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा जाति के युवक-युवतियां बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने जुलाई माह में दो बार नियुक्ति के लिए गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर तीसरी बार ज्ञापन देने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।
शिक्षकों का दर्द:-

शिक्षकों ने बताया कि वे वर्ष 2019 से कार्य कर रहे थे और उन्होंने बेहतर परिणाम व गुणवत्ता दी थी, लेकिन अब उनके ऊपर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो गई है। जिस समय कबीरधाम जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में शिक्षक विहीन व एकल शिक्षकीय विद्यालय था, उस समय उन्होंने सभी स्कूलों में अध्यापन कराकर बेहतर परिणाम व गुणवत्ता दिए थे।
मुख्यमंत्री से मुलाकात:-

शिक्षकों ने पिछले सत्र नवंबर माह में राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय के सौजन्य से प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री से नियमितीकरण के लिए मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने मांग को उचित मानते हुए सहमति भी जताई थी। इसके बाद कलेक्टर कबीरधाम ने शिक्षा सचिव स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय नियमितीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा है, लेकिन आज तक उसकी कोई जानकारी नहीं मिली है।
कलेक्टर का आश्वासन:-
कलेक्टर ने शिक्षकों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। अब देखना यह है कि कलेक्टर के आश्वासन के बाद इन शिक्षकों को कब तक न्याय मिलता है। शिक्षकों ने कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें पुनः यथावत नि:शर्त उन्हीं शालाओं में जल्द कार्यवाही कर नियुक्ति दी जाए।
सांसद और उपमुख्यमंत्री से मुलाकात:-
शिक्षकों ने राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद व छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर गुहार लगाई है। उन्होंने तत्काल फोन लगाकर कलेक्टर कबीरधाम को निर्देशित किया कि अंशकालीन शाला संगवारियों को पुनः यथावत नि:शर्त उन्हीं शालाओं में जल्द कार्यवाही कर नियुक्ति देने का निर्देश दिया गया है। इसके बावजूद भी 3 माह से भी ज्यादा लंबा समय बीत गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
रिपोर्टर – विकास सोनी
