रमज़ान के दौरान सुल्तानपुर दे रहा शांति का संदेश, शकील अहमद को टिकट की माँग तेज़ः-

लखनऊः समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय चेहरे शकील अहमद ने रमज़ान के मुबारक महीने में स्थानीय कार्यक्रम में गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “इबादत का असली रंग तब निखरता है जब हम पड़ोसी के दुःख-सुख में शरीक हों। अमन बनाए रखना ही सबसे बड़ी सेवा है।”
पार्टी सूत्रों के मुताबिक़ इस बार शकील अहमद के समर्थक उन्हें फिर से टिकट दिलाने के लिए ज़मीनी मुहिम चला रहे हैं। मोहल्ला-पंचायत स्तर पर बैठकों और दस्तख़त-अभियान में लोग इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि क्षेत्र में शांति-सेतु की भूमिका निभाने वाले नेता को ही मौका मिलना चाहिए।

एक युवा कार्यकर्ता ने कहा, “पिछली बार जो वादा अधूरा रह गया, उसे इस बार पूरा करने का भरोसा शकील जी से ही है।” हालाँकि राष्ट्रीय स्तर पर शकील अहमद लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी सपा-गतिविधियों और रमज़ान-भाषण को लेकर समर्थकों की सक्रियता दिख रही है।
पार्टी नेतृत्व ने अभी टिकट पर औपचारिक फ़ैसला नहीं बताया, पर ज़मीनी माँग के चलते नामांकन चर्चा में उनका ज़िक्र बढ़ गया है। रमज़ान के दौरान शांति-संदेश और टिकट-प्रयास—दोनों को मिलाकर शकील अहमद का नाम इस वक़्त इलाके की सियासी हवा में ख़ासा गूँज रहा है।
रिपोर्टर – रामबाबू
