बेटों ने बूढ़ी माँ को कंधों पर उठाकर बदायूं से दिल्ली तक करेंगे पैदल यात्रा, दिखाई मां के प्रति प्रेम भक्तिः-

सम्भलः उत्तर प्रदेश ग्राम नूरपुर, तहसील बिसौली, जनपद बदायूं के निवासी दो भाइयों, तेजपाल और धीरज, पुत्र भगवान दास, ने अपनी बूढ़ी माँ को कंधों पर बिठाकर एक अनोखी पैदल यात्रा शुरू की है। यह यात्रा 15 अक्टूबर को उनके गाँव से शुरू हुई और 17 अक्टूबर को वे जनपद संभल के बहजोई पहुँचे।
दिल्ली और वृन्दावन की यात्राः-
दोनों भाई अपनी माँ को कंधों पर उठाकर पैदल दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं, जहाँ वे 6 नवंबर को दिल्ली और 16 नवंबर को वृन्दावन पहुँचने की उम्मीद कर रहे हैं। तेजपाल ने बताया कि वे अपनी माँ के प्रति प्रेम, श्रद्धा और भक्ति के कारण यह कठिन यात्रा कर रहे हैं।
सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में शामिल होने का लक्ष्यः-
धीरज ने आगे कहा कि उनका लक्ष्य दिल्ली में धीरेंद्र शास्त्री जी द्वारा आयोजित सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में शामिल होना है, जो दिल्ली से वृंदावन तक जाएगी। यह यात्रा सनातन धर्म के प्रति उनकी आस्था और एकता का प्रतीक है।
लोगों के बीच चर्चा का विषयः-
दोनों भाइयों की यह भक्ति और समर्पण की भावना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। जिससे लोगों के बीच में दोनों भाइयों की तारीफ हो रही है। उनकी इस अनोखी यात्रा से न केवल उनकी माँ के प्रति प्रेम, बल्कि सनातन धर्म के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा भी झलकती है।
रिपोर्टर – मनीष कुमार एम बी
