बाल विवाह रोकने को लेकर कलेक्ट्रेट बहजोई से जागरूकता रैली का शुभारंभ:-

सम्भल: जनपद सम्भल में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा एक जागरूकता अभियान रैली का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट बहजोई स्थित परिसर से इस रैली का शुभारंभ जिलाधिकारी सम्भल डॉ. राजेंद्र पेंसिया एवं पुलिस अधीक्षक सम्भल श्री कृष्ण कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) जनपद सम्भल सुश्री अनुकृति शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारीगण भी मौजूद रहे। रैली के माध्यम से जनपद वासियों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि बाल विवाह एक गंभीर कानूनी अपराध है, जिसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है।
अभियान के तहत आमजन को बाल विवाह से जुड़े कानून की जानकारी दी गई:-

21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है और यह कानूनन अपराध है।
बाल विवाह कराने वाले दोषी माता-पिता एवं अन्य रिश्तेदारों को 2 वर्ष तक की सजा या ₹1,00,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
बाल विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी या पादरी को भी दंडित किया जा सकता है। बाल विवाह में अपनी सेवाएं देने वाले नाई, हलवाई, बैंड, टेंट संचालक अथवा अन्य संबंधित व्यक्तियों को भी 2 वर्ष तक की सजा या ₹1,00,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। बाल विवाह में किसी भी रूप में शामिल होने वाले व्यक्ति को भी 2 वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
बाल विवाह रोकने के लिए जन सहयोग की अपील:-

प्रशासन ने जनपद वासियों से अपील की कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को रोकने में सहयोग करें और कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत प्रशासन को अवगत कराएं। अभियान का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करना है।
रिपोर्टर – सचिन कुमार वार्ष्णेय
