बालिकाओं ने संभाली जिम्मेदारी, डीएम, सीडीओ और एडीएम के रूप में किया कामः-

सम्भलः उत्तर प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान 5.0 में बालिकाओं को स्वालंबी बनाने के लिए एक दिवसीय कार्यक्रम के तहत तीन बालिकाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। इस कार्यक्रम में कु. रहनुमा खान को जिलाधिकारी, कु. साक्षी चौहान को मुख्य विकास अधिकारी और कु. संगीता को अपर जिलाधिकारी सम्भल बनाया गया।
इस कार्यक्रम में तीन बालिकाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई:-
कु. रहनुमा खान: जीके सिल्वर स्टोन स्कूल की कक्षा 11 की छात्रा को जिलाधिकारी बनाया गया।
कु. साक्षी चौहान: कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की कक्षा 8 की छात्रा को मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया।
कु. संगीता: कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की कक्षा 11 की छात्रा को अपर जिलाधिकारी बनाया गया।
बालिकाओं की जिम्मेदारी और प्रदर्शन:-

डीएम बनी रहनुमा: कलेक्ट सभागार में अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक की और चंदौसी क्षेत्र के सीता आश्रम रोड पुलिस चौकी से पतरा मोड तक सड़क निर्माण और मरमत करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने जनता की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
सीडीओ बनी साक्षी चौहान: कार्यालयों का निरीक्षण किया और कलेक्ट्रेट परिसर की कार्य प्रणाली को समझा।
एडीएम बनी संगीता: कार्यालयों का निरीक्षण किया और कलेक्ट्रेट परिसर की कार्य प्रणाली को समझा।
कार्यक्रम का महत्व:-
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को स्वालंबी और आत्मनिर्भर बनाना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
बालिकाओं की प्रतिक्रिया:-

इस कार्यक्रम से जीके सिल्वर स्टोन के स्टाफ और बच्चों में खुशी का माहौल है। यह कार्यक्रम बालिकाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है और उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोग:-
डीएम डॉक्टर राजेंद्र पैसिया: डीएम बनी रहनुमा के साथ कार्यालय पहुंचकर जनता की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
सीडीओ गोरखनाथ भट्ट: डीएम बनी रहनुमा के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में मौजूद रहे।
सीएमओ डॉ तरुण पाठक: डीएम बनी रहनुमा के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में मौजूद रहे।
निष्कर्ष:-
मिशन शक्ति अभियान 5.0 के तहत बालिकाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने से उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि हुई है। यह कार्यक्रम बालिकाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है और उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
