पहाड़ी और मैदानी की खाई पैदा करने वालों का कट्टर विरोध: रामकुमार वालिया:-

उत्तराखंड: पूर्व राज्य मंत्री रामकुमार वालिया ने कहा कि कुछ विधायक उत्तराखंड में पहाड़ी और मैदानी की खाई पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पृथक उत्तराखंड की लड़ाई में सर्व समाज के लोग थे, किसी एक जाति और समुदाय के नहीं। वालिया ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम प्रदेश में विकास और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर चर्चा करें, न कि पहाड़ी और मैदानी की बातें करके खाई पैदा करें।
उत्तराखंड के विकास के लिए एकजुट होने की अपील:-
आज उत्तराखंड मे पृथक उत्तराखंड को 25 वर्ष पूरे होने पर कई कार्यक्रम हो रहे हैं। हमारे विधानसभा का विशेष सत्र भी आयोजित हुआ लेकिन मुझे यह कहते हुए बड़ा दुख हो रहा है, कि हमारे कई विधायक गण इस बात की चिंता नहीं कर रहे हैं, कि हमारे प्रदेश में कितना विकास होना चाहिए था जो नहीं हुआ है किन-किन समस्याओं का निदान किया जाना चाहिए केवल पहाड़ी और मैदानी की चर्चा करने पर लगे हैं ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे पहाड़ी और मैदानी की खाई उत्तराखंड के अंदर पैदा हो रही है मैं ऐसे विधायकों का कट्टर विरोध करता हूं, और उनसे अपील भी करता हूं की पृथक उत्तराखंड की लड़ाई में सर्व समाज के लोग थे। किसी एक जाति और समुदाय के नहीं हमारी केवल एक ही मांग थी की उत्तर लखनऊ में बैठकर कोई भी व्यक्ति उत्तराखंड का विकास नहीं कर सकता है। हमारा पहाड़ का अलग राज्य बनना चाहिए जो पहाड़ी परिपेक्ष में हो जिसको विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए क्योंकि पहाड़ की समस्याएं भी पहाड़ जैसी हैं।
पहाड़ में आपदाएं भी बहुत आती हैं प्रतिवर्ष हजारों लोग आपदाओं से पीड़ित रहते हैं। इन सब पर चर्चा होनी चाहिए लेकिन नहीं हो रही है यदि हो रही है तो केवल पहाड़ी और मैदानी के मुद्दे पर हो रही है इससे पहाड़ का विकास नहीं बल्कि उत्तराखंड के अंदर पहाड़ी और मैदानी की खाई खुद जाएगी जिसको भरना फिर किसी के भी बस में नहीं रहेगा जो लोग आज पहाड़ी और मैदानी की बात कर रहे हैं मूल निवास की बात कर रहे हैं उनको यह भी पता होना चाहिए की कुछ लोगों का तो यहां जीवन लग गया है।

मैं 1982 से उत्तराखंड में रह रहा हूं मेरी शिक्षा दीक्षा उत्तराखंड में हुई अब यदि कोई मुझे भी उत्तराखंड का ना मानता हो तो ना माने लेकिन मैं तथा मेरा परिवार उत्तराखंड का हूं था और रहूंगा। उत्तराखंड के ही एक विधायक विधायक निधि में कमीशन दिए जाने की बात कर रहे हैं मैं उसकी भी जांच की मांग करता हूं तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की विमान करता हूं हमें यह भी आत्म चिंतन मनन करना चाहिए क्या पहाड़ी राज्य में जो भ्रष्टाचार पनप रहा है वह उचित है यह भी गंभीर चिंतन और मनन का विषय हैं।
अंत में में सभी से अपील करता हूं कि उत्तराखंड में ऐसी बात ना करें जो पहाड़ी और मैदानी की खाई बढ़ें लोगों में द्वेष पैदा हो कम से कम विधायकों को तो इससे परहेज करना चाहिए।
भवदीय
रामकुमार वालिया पूर्व राज्य राज्य मंत्री तीन बार उत्तराखंड
राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय सर्व समाज महासंघ देहरादून उत्तराखंड
