शराब दुकानों पर खुली लूट, मनमाने दाम वसूली; आबकारी विभाग कुंभकर्णी नींद में:-

मध्य प्रदेश: लटेरी शहर में आबकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां संचालित शराब दुकानों पर न तो प्रशासन का खौफ दिख रहा है और न ही नियमों के प्रति कोई जवाबदेही। शराब ठेकेदार नियमों को ठेंगा दिखाकर मनमानी चला रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।
न रेट लिस्ट, न समय की पाबंदी:-
नियमों के मुताबिक, प्रत्येक मदिरा दुकान के बाहर रेट लिस्ट और खुलने-बंद होने का समय प्रदर्शित होना अनिवार्य है। लेकिन लटेरी की दुकानों पर इनका दूर-दूर तक पता नहीं है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रेट लिस्ट न होने का फायदा उठाकर ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। दुकानें रात 12 से 1 बजे तक खुली रहती हैं, जबकि शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा इससे कहीं कम है।
विभाग की मौन सहमति:-
देर रात तक शराब की बिक्री से न केवल राजस्व नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी बढ़ने लगा है। जनता का सीधा सवाल आबकारी विभाग से है: “क्या अधिकारियों को यह अवैध गतिविधियां दिखाई नहीं दे रहीं, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?
“स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति बिना प्रशासनिक मिलीभगत के संभव नहीं है। नियम सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं और धरातल पर ‘खुली लूट’ मची हुई है।
जनता में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी:-
लटेरी की जनता अब इस अव्यवस्था के खिलाफ लामबंद हो रही है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दुकानों पर रेट लिस्ट चस्पा नहीं की गई, निर्धारित समय पर दुकानें बंद नहीं हुईं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘खुली मनमानी’ पर कब लगाम लगाता है या फिर रसूखदारों के आगे विभाग इसी तरह नतमस्तक बना रहेगा।
रिपोर्टर – राजेंद्र विश्वकर्मा
