AMU ब्रेकिंग: जेएन मेडिकल कॉलेज के महिला वार्ड में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, मरीजों को भेजता था निजी हॉस्पिटल:-

अलीगढ़: मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मंगलवार को प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के महिला वार्ड में एक फर्जी डॉक्टर को रंगे हाथ पकड़ा गया। प्रॉक्टोरियल टीम ने आरोपी को थाना सिविल लाइंस पुलिस के हवाले कर दिया।
सफेद एप्रन में घूम रहा था वार्ड में:-
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 9 बजे एक युवक सफेद एप्रन पहनकर, गले में स्टेथोस्कोप डालकर महिला वार्ड में खुद को डॉक्टर बता रहा था। वह महिला मरीजों के बीच घूमकर जांच व इलाज के नाम पर उनसे संपर्क बना रहा था। स्टाफ को संदेह होने पर सुरक्षाकर्मियों को सूचना दी गई।
ब्लेड, सिरिंज और सैंपल बरामद:-
पूछताछ में युवक सही जवाब नहीं दे पाया। तलाशी के दौरान उसके पास से मेडिकल जांच फॉर्म, सर्जिकल ब्लेड, सिरिंज, सुइयां, ब्लड और यूरिन सैंपल मिले। आरोपी ने अपना नाम मोहम्मद इस्लाम पुत्र जफीर उद्दीन, निवासी खानपुर बंद, संभल बताया।
2 साल से मेडिकल कॉलेज में सक्रिय:-
आरोपी ने स्वीकार किया कि वह शहर के रघुवीरपुरी स्थित एक निजी हॉस्पिटल में काम करता है और मरीजों को वहां ले जाने का काम करता है। चौंकाने वाली बात यह है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से मेडिकल कॉलेज के विभागों और वार्डों में लगातार आ-जा रहा था। उसकी पहचान मेडिकल कॉलेज के कई कर्मचारियों से भी बताई जा रही है।
निजी लैब-हॉस्पिटल पहुंचाता था मरीज:-
जांच में सामने आया कि आरोपी एक निजी कॉलेज से मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन का कोर्स कर रहा है। वह मेडिकल कॉलेज में बिचौलिये की तरह काम करता था और मरीजों को निजी अस्पतालों और लैब तक पहुंचाने के लिए परिसर में सक्रिय रहता था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल:-

प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने बताया कि सिक्योरिटी सुपरवाइजर वीरेंद्र सिंह की तहरीर पर थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब सवाल उठ रहे हैं कि एक बाहरी व्यक्ति दो साल तक डॉक्टर बनकर वार्डों में कैसे घूमता रहा? क्या मेडिकल कॉलेज के भीतर बिचौलियों का पूरा नेटवर्क काम कर रहा है? उसे अंदरूनी संरक्षण कौन दे रहा था?
इस घटना ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आरोपी की सहज आवाजाही से साफ है कि उसे अंदरूनी व्यवस्था की पूरी जानकारी थी।
रिपोर्टर – संजय सक्सेना
