मालपुरा: अवैध बजरी माफियाओं के आगे बेबस प्रशासन, रायपुरा-शेरगढ़ में लाखों का कारोबार; सड़कें गड्ढों में तब्दील:-

राजस्थान: टोंक जिले के मालपुरा क्षेत्र की टोरडी सागर सहोदरा नदी में पिछले करीब दो वर्षों से अवैध बजरी खनन और परिवहन का खेल लगातार जारी है। बजरी माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि बिना किसी वैध लीज और बिना कांटा पर्ची के खुलेआम खनन कर लाखों का कारोबार किया जा रहा है।
इन इलाकों में चल रहा अवैध खेल:-
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि रायपुरा पुलिया, शेरगढ़, बालापुरा पुलिया, श्मशान घाट रपटे, निमुंकिया और डूंगरी क्षेत्र में कथित रूप से अतिक्रमण कर अवैध बजरी का कारोबार संचालित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि संबंधित विभाग कार्रवाई के बजाय मौन बना हुआ है।
ग्रामीणों को नहीं मिलती बजरी, बाहर हो रही सप्लाई:-

ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में जरूरत पड़ने पर आम लोगों को बजरी उपलब्ध नहीं होती, लेकिन बाहरी क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए लगातार सप्लाई की जा रही है। तेज रफ्तार में तेज धुन पर दौड़ते बजरी वाहनों से मुख्य बाजार, विद्यालयों और आबादी क्षेत्र में हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
सड़कें गड्ढों में तब्दील, विकास पर सवाल:-
लगातार ओवरलोड वाहनों के आवागमन से क्षेत्र की सड़कें और रोड़े भारी गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। कई दुर्घटनाएं होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। विकास कार्यों की स्थिति भी सवालों के घेरे में है।
प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप:-

अब आमजन के बीच चर्चा है कि आखिर अवैध बजरी खनन और परिवहन पर प्रशासन और संबंधित विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे? ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की चुप्पी से लगता है कि बजरी माफियाओं से मिलीभगत हो सकती है। प्रशासन बजरी माफियाओं के आगे नतमस्तक नजर आ रहा है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्टर – एस रहमान
