नगर मजिस्ट्रेट का छापा: संभल में अवैध अस्पताल सील, दो मरीज शिफ्ट, FIR के आदेश:-

संभल: इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित हो रहे एक अस्पताल पर सख्त कार्रवाई की है। नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
पहली कार्रवाई: 10 साल से चल रहा अवैध अस्पताल सील:-

नगर मजिस्ट्रेट द्वारा ग्राम शहबाजपुर खुर्द, थाना रायसत्ती क्षेत्र में स्थित एक क्लीनिक का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यह क्लीनिक अस्पताल के रूप में संचालित पाया गया। मौके पर भारी गंदगी, 5 से 6 बेड, दवाओं का अव्यवस्थित भंडारण और एक संदिग्ध ऑपरेशन थिएटर भी मिला। जांच में सामने आया कि यह अस्पताल BUMS डॉक्टर डॉ. मो. आलम और डॉ. हिना द्वारा संचालित किया जा रहा था। नियमों के अनुसार BUMS चिकित्सकों को आईवी इंजेक्शन देने और सर्जरी करने की अनुमति नहीं है, फिर भी यहां इनका उपयोग होता पाया गया।

मौके पर दो मरीज भर्ती मिले, जिनका इलाज जारी था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों मरीजों को तुरंत अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए। डॉक्टर आलम मौके पर उपस्थित नहीं मिले, जिससे संदेह और गहरा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह अस्पताल करीब 10 वर्षों से चल रहा था। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर और डॉक्टर के चैम्बर को सील कर दिया है। साथ ही मामले में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरी कार्रवाई: जनता क्लीनिक में नियमों का उल्लंघन:-

इसी दौरान पास में स्थित “जनता क्लीनिक” का भी निरीक्षण किया गया। यहां डॉ. जावेद उपस्थित मिले। जांच में पाया गया कि क्लीनिक को केवल 1 बेड के लिए पंजीकृत किया गया था, लेकिन मौके पर 7 बेड लगे हुए थे। प्रशासन ने तुरंत 6 अतिरिक्त बेड हटवा दिए। इसके अलावा डॉक्टर के लेटर पैड पर “एम.डी.” लिखा पाया गया, जबकि उनके पास केवल डिप्लोमा था। इसे भ्रामक मानते हुए लेटर पैड को नष्ट करने के निर्देश दिए गए और डिग्री की वैधता की जांच के आदेश भी जारी किए गए।प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे अवैध अस्पतालों और फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की तैयारी में है।
रिपोर्टर – सचिन कुमार
