बलरामपुर में ट्रिपल मार: डीजल-पेट्रोल, गैस की किल्लत के बीच बैंकों में ‘नो कैश’, जनजीवन अस्त-व्यस्त:-

उत्तर प्रदेश: बलरामपुर जिले में आमजन एक साथ कई समस्याओं से जूझ रहा है। डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की किल्लत के बीच अब बैंकों में ‘नो कैश’ का बोर्ड लगने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। लोग चिलचिलाती धूप में एक-दो लीटर पेट्रोल के लिए कई घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। नम्बर आने पर लोग सौ-दो सौ नहीं बल्कि पांच सौ रुपए का पेट्रोल एक साथ खरीद रहे हैं ताकि बार-बार 3-4 घंटे लाइन न लगानी पड़े।
पंपों पर लंबी कतारें, खेती प्रभावित:-
पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। कई बार घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पाता। डीजल की कमी से खेतों में चल रहे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर दैनिक जीवन और आवागमन पर पड़ रहा है। किसान खेतों की जुताई-बुवाई के लिए डीजल को लेकर परेशान हैं।
गैस सिलेंडर के लिए चक्कर:-
सहालग के मौसम में रसोई गैस की किल्लत ने परेशानी बढ़ा दी है। गैस सिलेंडर के लिए लोगों को एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई जगह लंबी प्रतीक्षा के बाद भी गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही। शादियों के सीजन में गैस न मिलने से घरों में खाना बनाने तक की दिक्कत हो रही है।
बैंकों में नकदी संकट से बढ़ा असंतोष:-
बैंकों के बाहर ‘नो कैश’ के बोर्ड लगने से आर्थिक गतिविधियां ठप हो रही हैं। शादी-विवाह के सीजन में नकदी की जरूरत बढ़ गई है, लेकिन बैंक से पैसा न मिलने से लोग जरूरी काम नहीं निपटा पा रहे। इससे आमजन में असंतोष बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ईंधन, गैस और नकदी तीनों की कमी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सूत्रों के मुताबिक आपूर्ति में गड़बड़ी और बढ़ती मांग से यह स्थिति बनी है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर रखने की बात कह रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत के ठोस संकेत नहीं हैं। क्षेत्रवासियों ने डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस और बैंकिंग सेवाओं की नियमित आपूर्ति की मांग की है, वरना समस्या और गंभीर हो सकती है। लोगों का कहना है कि जब तक पेट्रोल पम्पों पर नियमित रूप से आपूर्ति व्यवस्था बहाल नहीं होगी, आम लोग इसी तरह से परेशान होते रहेंगे।
रिपोर्टर – सुशील श्रीवास्तव
