रायपुर में कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गईं, तो 31 दिसंबर तक जारी रहेगी हड़ताल:-

छत्तीसगढ़: कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेशभर में लगभग 4 लाख 50 हजार सरकारी कर्मचारियों ने “काम बंद करो, कलम बंद करो” आंदोलन शुरू कर दिया है। 11 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर शुरू हुई यह हड़ताल 31 दिसंबर तक जारी रहेगी। जिससे पूरे प्रदेश में शासकीय कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
राजधानी रायपुर के इंद्रावती भवन समेत प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों ने काम छोड़ दिया है। इस हड़ताल के कारण प्रमाण पत्र जारी करने, राजस्व संबंधी कार्य, पेंशन वितरण और अन्य महत्वपूर्ण शासकीय सेवाएं ठप पड़ गई हैं। आम नागरिकों को विभिन्न सेवाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें:-
मोदी की गारंटी के तहत केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देना
जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते के एरियर्स को जीपीएफ खाते में समायोजित करना
लिपिकों सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करना
अर्जित अवकाश नकदीकरण को 300 दिवस करना
चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू करना
कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करना
प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल से प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
रिपोर्टर – श्रीराम चौहान
