यूपी पंचायत अपडेट: निवर्तमान ग्राम प्रधान ही बने प्रशासक…

हजारों ग्राम प्रधानों को राहत: 26 मई को खत्म हो रहा कार्यकाल 6 महीने बढ़ा, मंत्री कपिल देव की मांग मंजूर:-

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में 26 मई 2026 को समाप्त हो रहे ग्राम पंचायतों के कार्यकाल को लेकर योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है।

6 माह या नई पंचायत गठन तक संभालेंगे जिम्मा:-

इस निर्णय के तहत नई ग्राम पंचायतों के गठन तक या अधिकतम छह माह, यानी नवंबर 2026 तक, निवर्तमान प्रधान ही पंचायतों का सामान्य प्रशासनिक कार्य संभालेंगे। इस दौरान वे वित्तीय अधिकारों के साथ ग्राम पंचायत का संचालन करेंगे।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल की पहल रंग लाई:-

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि यह निर्णय ग्रामीण प्रशासन की निरंतरता बनाए रखने और विकास कार्यों को गति देने के लिए लिया गया है। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर जनपद के ग्राम प्रधानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर कार्यकाल बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर ग्राम प्रधानों के कार्यकाल में वृद्धि का अनुरोध किया था। सीएम ने इस पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए प्रधानों को राहत दी है।

हजारों प्रधानों को राहत, विकास कार्य नहीं रुकेंगे:-

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश के हजारों ग्राम प्रधानों को राहत मिली है। पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी, जिससे चल रहे विकास कार्यों में बाधा नहीं आएगी और नई योजनाओं का क्रियान्वयन भी समय से हो सकेगा।

ग्राम प्रधान विकास की आधारशिला:-

प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ग्राम प्रधान गांवों के विकास की आधारशिला होते हैं। उनके 5 साल के अनुभव का लाभ गांवों को निरंतर मिलना आवश्यक है। प्रशासक नियुक्त होने से गांवों में स्वच्छता, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम प्रभावित नहीं होंगे।

रिपोर्टर – शिवम् द्विवेदी

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