गंजबासौदा: भरोसे का कत्ल, दोस्त ने ही उतारा दोस्त को मौत के घाट, चार बहनों का इकलौता भाई था मृतक:-

विदिशा: जब भरोसा टूटता है तो दर्द होता है, लेकिन जब भरोसे का कत्ल हो जाए तो पूरा परिवार बिखर जाता है। गंजबासौदा में एक दोस्त ने ही दोस्त की जिंदगी छीन ली। चार बहनों का इकलौता भाई, बुजुर्ग पिता की लाठी और घर का एकमात्र सहारा अब इस दुनिया में नहीं है। 30 हजार रुपयों के विवाद ने एक परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जो शायद कभी नहीं भर पाएगा।
गंजबासौदा में हत्या के मामले का पुलिस ने 8 दिन बाद खुलासा कर दिया है। जिस युवक की हत्या हुई, उसका कातिल कोई और नहीं बल्कि उसका ही दोस्त निकला। महज 30 हजार रुपये के विवाद में दोस्ती का ऐसा खौफनाक अंत हुआ कि एक परिवार का सहारा हमेशा के लिए छिन गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की परतें खुली हैं।
दरगाह पहाड़ी के पास मिली थी लाश:-
करीब एक सप्ताह पहले उदयपुर की दरगाह पहाड़ी के पास खाई में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतक की पहचान कन्हैयालाल उर्फ मनीष अहिरवार के रूप में हुई थी। शुरुआत में मामला संदिग्ध मौत का लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। परिजनों ने हत्या के विरोध में जय स्तंभ चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया था और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।
30 हजार के लेन-देन में गई जान:-

जांच के दौरान सामने आया कि कन्हैयालाल और सूरज प्रजापति के बीच 30 हजार रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों पुराने दोस्त थे, लेकिन पैसों को लेकर बढ़ते तनाव ने रिश्तों में दरार पैदा कर दी। पुलिस के मुताबिक इसी विवाद के चलते आरोपी ने अपने दोस्त की हत्या कर शव को पहाड़ी के पास फेंक दिया।
परिजनों ने किया था चक्काजाम:-
मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिजन और ग्रामीण सड़क पर उतर आए थे। उन्होंने जय स्तंभ चौक पर शव रखकर चक्का जाम किया और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस और प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त हुआ था।
चार बहनों का इकलौता भाई था मृतक:-

कन्हैयालाल परिवार का इकलौता बेटा और चार बहनों का अकेला भाई था। वह ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी कमाई से ही घर का खर्च चलता था। उसकी मौत ने परिवार को भावनात्मक ही नहीं बल्कि आर्थिक रूप से भी गहरे संकट में डाल दिया है।
कॉल डिटेल से पकड़ा गया आरोपी:-
पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। पूछताछ और साक्ष्यों के बाद पुलिस ने सूरज प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
परिजन बोले- बेटा वापस नहीं आएगा:-
आरोपी की गिरफ्तारी से परिजनों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन उनका कहना है कि उनका बेटा वापस नहीं आ सकता। परिवार अब न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। इस हत्याकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पैसों के विवाद में जब रिश्ते टूटते हैं तो उसके परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं।
रिपोर्टर – देवेंद्र रघुवंशी
