इंडो-नेपाल सीमा पर नकली स्टैम्प गैंग का भंडाफोड़, थाईलैंड की पिमचानोक और चिंतारा गिरफ्तार; दिल्ली से जुड़े तार:-

नोएडाः नार्थ बंगाल के सिलीगुड़ी शहर से सटे इंडो-नेपाल सीमांत पर नकली इमिग्रेशन स्टैम्प से नेपाल भागने की बड़ी साजिश नाकाम हुई है। सीमा सुरक्षा बल यानी SSB ने खोरीबाड़ी के पानीटंकी इलाके में बॉर्डर पर दो थाई महिलाओं को नकली ‘एग्जिट स्टैम्प’ के साथ पकड़ा। इस घटना के बाद बॉर्डर एरिया में हलचल मच गई है। जांच में इंटरनेशनल गैंग के शामिल होने का शक है।
पूछताछ में ड्राइवर हुआ फरारः-

SSB सूत्रों के मुताबिक, दोनों महिलाएं शुक्रवार सुबह एक फोर-व्हीलर से इंडिया से नेपाल जाने के लिए बॉर्डर पर पहुंचीं। पेट्रोलिंग कर रहे SSB जवानों को उनके पासपोर्ट पर इंडियन इमिग्रेशन के ‘एग्जिट स्टैम्प’ देखकर शक हुआ। जैसे ही पूछताछ शुरू हुई, ड्राइवर अचानक मौके से भाग निकला। इससे जवानों का शक और गहरा गया।
इमिग्रेशन डिपार्टमेंट में नहीं मिला रिकॉर्डः-
बाद में जब इमिग्रेशन डिपार्टमेंट से जानकारी का मिलान किया गया तो पता चला कि उस नाम से कोई एग्जिट स्टैम्प जारी ही नहीं हुआ था। लंबी पूछताछ के बाद दोनों महिलाओं ने माना कि उनके पासपोर्ट में लगे स्टैम्प नकली थे। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान थाईलैंड निवासी पिमचानोक केतला और चिंतारा बुद्धफोंग के रूप में हुई है।
पिछले साल जुलाई से एक्सपायर वीज़ा पर थीं भारत मेंः-

शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों महिलाएं पिछले साल जुलाई से एक्सपायर वीज़ा पर भारत में रह रही थीं। जांचकर्ताओं का दावा है कि दिल्ली से बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने नकली एग्जिट स्टैम्प का इस्तेमाल करके नेपाल भागने की योजना बनाई थी।
कोर्ट में पेशी, गैंग की तलाश जारीः-

एक दिन की पूछताछ के बाद SSB ने दोनों महिलाओं को सरकारी सिक्योरिटी सील बनाने और गैर-कानूनी तरीके से बॉर्डर पार करने के आरोप में खोरीबाड़ी पुलिस को सौंप दिया। शुक्रवार को दोनों को सिलीगुड़ी सब-डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया गया। जासूसों ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि इस नकली स्टैम्प के धंधे में और कौन-कौन शामिल है। जांचकर्ताओं का अनुमान है कि बॉर्डर पर नकली सरकारी सील बनाने वालों का गैंग काफी समय से एक्टिव है।
रिपोर्टर – कमलेश रॉय कर्मकार
