देहरादून: एसएसबी स्वयं सेवकों ने मांगा हक, 20 साल से लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं तो 29 जुलाई से फिर आंदोलन:-

उत्तराखण्ड: एसएसबी स्वयं सेवक कल्याण समिति ने 20 साल से लंबित मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराज होकर सरकार को 29 जुलाई से दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। संगठन ने अल्मोड़ा से मुख्यमंत्री को पत्र भेजने के साथ देहरादून में मुख्य सचिव और गृह सचिव को ज्ञापन सौंपा है।
सीएम-सीएस को सौंपा ज्ञापन:-
एसएसबी स्वयं सेवक कल्याण समिति के केंद्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानन्द डालाकोटी, जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला और किर्तिनगर से प्रवक्ता अनिल भट्ट ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि संगठन ने अल्मोड़ा से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। वहीं देहरादून में संगठन के उपाध्यक्ष सुनील पुन्ढौला, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुलोचना बर्थवाल तथा बीरेंद्र रावत ने मुख्य सचिव आनन्द वर्धन से मुलाकात की। इसके साथ गृह सचिव शैलेश बगौली सहित शासन के अनेक विभागों में गुरिल्लों की मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
29 जुलाई से आंदोलन की चेतावनी:-

ज्ञापन में कहा गया कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई न होने की स्थिति में 29 जुलाई से पुनः आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन ने आरोप लगाया कि 20 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री ने शासन स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक में गुरिल्लों के समायोजन के लिए विभिन्न विभागों में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे, लेकिन विभागों ने नए प्रस्ताव तो दूर, पहले से जारी शासनादेशों पर भी कार्रवाई नहीं की।
शासनादेश बने निरर्थक:-
ज्ञापन में कहा गया कि आपदा प्रबंधन में नियुक्ति, लोक निर्माण विभाग में नियुक्ति और स्वैच्छिक आपदा प्रबंधन बल के गठन के लिए जारी शासनादेशों पर भी समुचित कार्रवाई नहीं हुई। विगत 20 वर्षों से आंदोलनरत और 14-15 वर्ष पूर्व जारी शासनादेशों, उच्च स्तर पर लिए गए निर्णयों पर कार्रवाई न होने से अब वे शासनादेश भी गुरिल्लों के लिए निरर्थक हो गए हैं।
संगठन ने कहा कि सचिवालय स्तर पर गुरिल्लों की मांगों पर कार्रवाई की समय-समय पर समीक्षा बैठक बुलाने के मुख्यमंत्री के आदेश का भी अधिकारियों ने अनुपालन नहीं किया है।
ठोस योजना बनाने की मांग:-
ज्ञापन में शीघ्र समीक्षा बैठक बुलाकर शासनादेशों में आवश्यक संशोधन करने और सभी जीवित तथा मृत गुरिल्लों के आश्रितों के लिए कोई ठोस योजना बनाने की मांग की गई है।
रिपोर्टर – प्रतिक्षा सिंह
